कुल 169 लेख

  • 20 Dec
    Shiva Raman Pandey

    चमत्कारी पानी

    chamatkari pani

    "रहिमन पानी राखिये बिन पानी सब सून पानी गए न ऊबरे मोती मानुष चून"

    “जल ही जीवन है"

    हमें हमारे स्कूल के दिनों से ही यह सभी बातें पढ़ाई जाती रहीं है और हमनें भी पानी के महत्त्व को अपने जीवन में अनुभव किया है ।

    जब भी सरदर्द हो तो-पानी

    मुहांसे हो तो-पानी

    कब्ज हो तो-पानी

    ज्यादा दवाई का सेवन हो तो-पानी

    धरती पर जीवन की उत्पत्ति का कारण-पानी

    मतलब सभी प्रकार के स्वास्थ्य चिकित्सा में पानी का नाम लिया जाता है ।

    आधुनिकीकरण के इस दौर में हम स्वास्थ्य उत्पादों के विभिन्न प्रकार से भ्रमित से हो जाते हैं ।

    सिर्फ सोया मिल्क के ही दस प्रकार हैं। ऐसे समय में ,क्या स्वास्थ्यकर है और क्या नही यह सच में बहुत दुविधा वाला हो सकता है। यही समय है जब हम वापस सबसे सरल साधनों की ओर जाएं। इनमें  सबसे अच्छा है : पानी

    How water important for life

    आइये ये जानने के लिए पढ़ते हैं कि कैसे सिर्फ पानी पीना आपके स्वास्थ्य के लिए चमत्कारी हो सकता है:

     

    1 पानी थकान कम करता है :- हमारी मांसपेशियाँ ठीक से काम करे इसके लिए उन्हें पानी की आवश्यकता होती है। पानी को नियमित रूप से पीने का मतलब है कि आप थकान कम महसूस करते हैं। इसका मतलब बेहतर एकाग्रता ,ज्यादा ऊर्जा और अधिक सतर्कता (मस्तिष्क  भी एक मांसपेशी है )

    2 भोजन और पानी का अनुपात:- हालांकि मानक  एक दिन में आठ गिलास पानी  का है,पर यह हमेशा लगभग  न्यूनतम होता है। आपको  भोजन ग्रहण करने के आधार पर अधिक पानी पीना चाहिए ।

    प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट को पचने के लिए अधिक पानी की आवश्यकता होती है। यह मांसाहारी भोजन पर भी उतना ही सच है जितना कुछ दालों के लिए।कार्बोहाइड्रेट की अधिकता वाले भोजन जैसे मैदा और ब्रेड को भी ठीक से  पचने के लिए अधिक पानी की आवश्यकता होती है।

    कुछ पेय पदार्थ  जैसे चाय,कॉफी और शराब,पानी के साथ बाहर निकलते समय शरीर पर मूत्र की मात्रा बढ़ाने वाला  प्रभाव डालते हैं। जिसे  पूरा करने के लिए आपको अधिक पानी की जरूरत होती है।इसलिए भोजन और पेय पदार्थ दोनों को  मिलाकर आपको 8-10 गिलास से ज्यादा पीने की जरुरत है और दूसरे पेय पदार्थो में पानी की मात्रा को नहीं जोड़ना चाहिए।

     

    3 वजन कम करता है:-पानी की उचित मात्रा ,दूसरे पेय पदार्थो की अपेक्षा पानी के उचित मात्र से आप अच्छा महसूस करते हैं क्योंकि यह आपके पाचन तंत्र को भी ठीक से काम करने की शक्ति देता है और भोजन को सही ढंग से अवशोषण में मदद करता है इस प्रकार आप ताज़गी  महसूस करते हैं।वजन कम करने के लिए सबसे महत्व पूर्ण  है कि जब आप ज्यादा पानी पीते हैं तो आपके शरीर को पानी की कमी  का अनुभव नहीं होता है और इसलिए यह अन्य तरीकों से पानी का संचय नहीं करता है जो वजन बढ़ाने शरीर के फूलने और सूजन बढ़ाने में मदद करते हैं।

    4 त्वचा:-पानी आपकी स्वच्छ और चमकती त्वचा का राज  हो सकता है ,पानी की कमी  से सुस्ती,मुहांसे और झुर्रियों को बढ़ावा मिलता है। ज्यादा पानी त्वचा की कोशिकाओं को स्वस्थ रख सकता है और त्वचा को चमकाता भी है। हालाँकि ज्यादा पानी त्वचा की समस्या को गायब नहीं करेगा यह सिर्फ अच्छी रोकथाम ,और बुनियादी इलाज है। आप अपनी त्वचा की कोशिकाओं को मॉइस्चराइज़र का उपयोग करके  भी नम रख सकते हैं।

    5 सम्पूर्ण स्वास्थ्य:-पानी सभी अंगो को ताज़गी देता है और उन्हें ख़ास तौर से दिल को स्वस्थ रखने में मदद करता है। अच्छी मात्रा में पानी पीने से हमारे शरीर में रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ती है ।

    अब जबकि आप पानी के फायदे जान गए हैं , इसे पीने के तरीको के बारे में बात करते हैं। हालाँकि चाय या दूसरे पेय पदार्थो के साथ पानी लेना नहीं जोड़ा जाता, निम्बू पानी ,पुदीना पानी और दूसरे कैफीन रहित पेय को जोड़ सकते हैं। फल और सब्जियां जो पानी से भरे होते हैं वे भी मदद करते हैं ,जैसे खीरा, तरबूज, खरबूजा और इसी तरह के अन्य फल।

    अतः आगे बढ़िए, और  एक स्वस्थ  जीवन के लिए पानी का महत्त्व कभी ना भूलें ।

     

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  • 20 Dec
    Shiva Raman Pandey

    अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस- मन की शांति कैसे प्राप्त करें?

    international yoga day

    प्रिय पाठकों, लोग अक्सर मन की शांति के बारे में बात करते हैं लेकिन किस तरह से उसे पाया जाये यह उनसे पूछा जाता है तो  ज्यादातर लोग एक संतोषजनक समाधान देने में विफल हो जाते हैं । 

    आधुनिकीकरण के इस दौर में हर उम्र के लोगो में तनाव महसूस करना इन दिनों आम समस्या  हो गई है।

    लोगों की इच्छाएँ बढ़ गयी हैं, और जीवन की रफ़्तार वास्तव में तेज हो गई है।

    आप हमेशा एक ही बार में बहुत से चीज़ें पा लेना चाहतें हैं।

    मन की शांति तभी मिल सकती है जब आप वर्तमान में जीना शुरू करेंगे ।

    इस तरह के भाग दौड़ और व्यस्त जीवन में क्या आप  तनाव पर नियंत्रण कर पाएँगे?

    जी हाँ,निश्चित रूप से,जरूरत है सिर्फ यह जानना कि कैसे.... 

    आज हम आपको बताएँगे कैसे आप अपने मष्तिष्क को संकेंद्रित कर चिंता मुक्त जीवन जी सकते हैं ।

    इसे करने से आप की कार्य करने की शक्ति भी बढ़ जाती है ।

    तनाव से राहत पाने का सबसे प्रभावी तरीका है-सांसो का समुचित उपयोग।

    अधिक ऑक्सीजन के सेवन से कुछ ही पलों में हमारे मस्तिष्क को तनाव से राहत मिल जाती है और आप  शांत हो जाते हैं । 

    मस्तिष्क को विश्राम देने और और नियमानुसार श्वसन के बहुत से तरीके हैं, जिनमें सबसे आसान और सरलता से समझ में आने वाले तरीके निम्न हैं :

     

    1. 4-स्क्वायर श्वसन
    2. 8 मांसपेशी समूह का विश्राम:
    3. ध्यान पूर्वक चिंतन।

     

    4-स्क्वायर श्वसन:

    साँस लीजिये (4 तक गिनती करिये) 1,2,3,4

    साँस को रोकिये 1,2,3,4

    साँस छोड़िये 1,2,3,4

    आराम 1,2,3,4

    यह एक वर्ग की चार भुजाओं की तरह है, इसलिए इसे 4 स्क्वायर श्वसन कहा जाता है। इसे आप तब तक कर सकते हैं, जब तक आपको मानसिक शांति नहीं मिल जाती ।

     

    8 मांसपेशी समूह का विश्राम:

    मनोवैज्ञानिक यह मानते हैं की आप  अगर अपनी मांसपेशियों को आराम देते हैं, तो आपका मष्तिष्क भी तनाव रहित होता है ।

    इस किया में प्रत्येक मांसपेशी समूह को ३० सेकेण्ड के लिए खींचकर दूसरे मांसपेशी समूह पर जाने के पहले छोड़ दें। ये करते समय आँखे बंद होनी चाहिए। जब इसे पहली बार करें तो एक या दो चक्र से शुरू करे ।

    सबसे पहले अपनी भुजाएं थोड़ा फैलाएं,कोहनी को मोड़ें, मुठ्ठी तानें और वापस खीचें ।

    इसके बाद दोनों पैर फैलाए,अंगूठे ऊपर की ओर करें।  

    और फिर पेट को मेरुदण्ड की ओर अंदर खींचिए।

    फेफड़े में साँस भरें और 10 तक की गिनती तक रोके रखें।

    अपने कन्धों को कान की दिशा में ऊपर उठाएं

    सिर को पीछे की ओर खीचें।

    आखों के किनारों के तरफ देखिए, नाक की नोक के पास चेहरे की पेशियों को घुमाइए।

    माथा और भौहें उठाइये।

    (आप प्रत्येक मांसपेशी समूह के व्यायाम के बीच 30 सेकण्ड्स या ज्यादा का अंतर दे सकते हैं।)

     

    परिपूर्ण मस्तिष्क ध्यान Mindfulness meditation:

    ध्यान विचारों का शिक्षण केंद्र है,जो पूरी तरह केंद्रित हो कर और एक समय पर एक ही कार्य को करने में विश्वास रखता है।

    हमारे  मस्तिष्क के लिए ध्यान से हटना आसान है और यही थकान को बढ़ाता है। 

    जिसे आप  अक्सर तनाव के रूप में महसूस करते हैं।

    हालाँकि ध्यान एक दर्शन है, जिसे आप  पूरे दिन कर सकते हैं। आप ध्यान को अभ्यास के  द्वारा शुरू कर सकते हैं।

    हाथों को जांघो पर रखिये,चेहरा नीचे,आँखे कुछ खुली हुई और टकटकी लगाकर सामने फर्श पर 4-६ फिट दूर देखते रहिये।

    इसके पीछे धारणा यह है की जो भी आपके सामने है वही आपके ध्यान में है।

    अपनी नज़र के साथ कुछ विशेष ना करें और उसी जगह पर रहने दें जहाँ इसे केन्द्रित किया है।

    इसी वातावरण में कुछ मिनटों तक इसी मुद्रा में बैठने से शुरुआत करें।

    यदि आपका ध्यान भटकने लगे तो धीरे-धीरे अपने शरीर और वातावरण में वापस आ जाइये ।

    मुख्य शब्द  यहाँ 'धीरे' है। आपके मस्तिष्क में भटकाव होगा; यह  Mindfulness meditation  का एक हिस्सा है

    जब आप महसूस करेंगे कि आपका मन भटकने लगा है तो आप अपने शरीर और वातावरण में वापस आ जाइये।

    अभ्यास का दूसरा भाग है सांसो के साथ कार्य करना।

    इस  अभ्यास में सांसो पर हल्का(हाँ हल्का) ध्यान दें। 

    जब सांस आपके शरीर में प्रवेश करे और जब बाहर  जाये, इसे अनुभव करें।

    इस प्रक्रिया में श्वसन की कोई विशेष विधि नहीं है।

    एक बार फिर, आपकी रूचि इसमें होनी चाहिए कि आप  पहले से कैसे हैं, ना कि इस बात में कि, आप अब कैसे हैं ।

    जब आप अपनी सांसों में बदलाव करते है, और पाते हैं कि, वास्तव में आप सांसों को  नियंत्रित कर पा रहे है जैसे किया जाना चाहिए तो उसी तरह से करें।

  • 20 Dec
    Shiva Raman Pandey

    टैटू का शौक

    tatoo

    दुनिया भर में प्राचीन काल से ही टैटू बनवाने का प्रचलन रहा है ।

    कुछ इसे अपने कल्चर से जोड़ते हैं तो कुछ शौक के रूप में । पर क्या कभी आपने सोचा है कि लोग शौक में टैटू क्यों बनवाते हैं ?

    कुछ लोगों को टैटू बनवाते समय  सुई  और उसकी चुभन का डर हो सकता है, पर कुछ लोगों को यह अच्छा लगता है।

    एक टैटू बनवाने का मतलब है कि कुछ दिनों तक टैटू वाले भाग को पानी से नहीं धोना और उससे होने वाले दर्द और असुविधा को सहना ।

    फिर भी लोग बड़े गर्व के साथ,ढेर सारा पैसा देकर,बहुत सारा  समय खर्च करके इसे बनवाते हैं।

    इन्हे इसे बनवाने की प्रेरणा कहाँ से मिलती है ?

    टैटू बनवाने के मनौवैज्ञानिक कारणों को जानने के लिए पढ़िए:

    नशीला अहसास:

    जब हम दर्द महसूस करते हैं तो एंडोर्फिन नामक रसायन मस्तिष्क से निकलता है।टैटू बनवाते समय बहुत दर्द होता है क्योंकि इसमें स्याही को त्वचा के अन्दर डाला जाता है; जिससे एंडोर्फिन का स्राव होता है,जो व्यक्ति को नशीला अहसास देता है। लोगों को इसमें इतना आनंद आता है,और वे बार- बार  टैटू बनवाना चाहते हैं ।

    यह लोगों को ज्यादा ऊर्जा देता है:

    जब हम रोमांचक और चुनौतीपूर्ण कार्य करते हैं तो एड्रिनलिन नामक हारमोन का स्राव होता है। टैटू बनवाना भी एक रोमांचक और चुनौती भरा कार्य होता है, जिससे एड्रनलिन का उत्पादन होता है।कुछ अध्ययन यह दावा करते हैं कि कुछ लोगों में एड्रनलिन का स्राव दूसरों से अधिक होता है।उनका झुकाव न केवल टैटू बनवाने में बल्कि अन्य साहसिक और रोमांचिक कार्यों में भी होता है।

    यह भावनाओं और विचारों को व्यक्त करने का तरीका है:

    शरीर पर टैटू दूसरे व्यक्ति को उसके विचारों के बारे में बताता है । और इसलिए यह एक आत्म अभिव्यक्ति का बहुत ही शक्तिशाली माध्यम है। किशोरावस्था एक ऐसी अवस्था है जिसमें किशोर जोश में होते हैं और टैटू के द्वारा वे अपनी भावनाओं की अभिव्यक्ति कर यह आभास कराते हैं कि उनकी भी एक पहचान है, और यह हमेशा उनके साथ रहेगी |

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  • 20 Dec
    Shiva Raman Pandey

    प्रभावी ढंग से याद करने के तरीके

    Exam se pahle yad kaise kare

    कविता क्लास पांचवी में पढ़ रही है और अब उसके टेस्ट और एग्जाम शुरू हो चुके हैं,एक चीज जो हमेशा उसको परेशान करती है कि कैसे वह लम्बे प्रश्नउत्तर को याद करे और उसको समझे ।

    अक्सर हम सभी अभिभावक बच्चों को पढ़ाई की इस समस्या से जूझते हैं उनकी मदद करते है और खुद भी समझ में नहीं आता की कैसे किसी पाठ के महत्वपूर्ण पॉइंट्स को याद किया जाए और एग्जाम टाइम में आसानी से सब कुछ अच्छे तरीके से लिखा जाए ।

    तो आज  हम बात करेंगे कि कैसे आप महवपूर्ण,लम्बे या कठिन जानकारियों को याद रख सकते हैं ।

    Cognitive psychology या  संज्ञानात्मक मनोविज्ञान ने स्मृति अनुसंधान  क्षेत्र में काफी काम किया है, और पाया है कि,कोई भी पाठ  याद करने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि उसको समझ कर और उसके मुख्य मुख्य बिन्दुओं को  एक कोड के रूप में  याद रखें । हलके तरीके से सिर्फ याद नहीं करना चाहिए बल्कि उसको समझ कर उससे जुड़ जाएँ ।

    दिए गए मटेरियल को गहराई से समझने के लिए कई तरीके होते हैं । हम यहाँ उनमें से कुछ पर प्रकाश डालेंगे :

    लिखना या  नोट करना :जब भी हमें टीचर क्लास में बोर्ड के साथ पढ़ाते हैं ,हम उनके द्वारा कही हुई बातों  को सुन कर उनकी मुख्य बातों को कॉपी में लिख लेते हैं ।ह्म ऐसा क्यों करते है ? ताकि सुनने के साथ जब हम उसे मस्तिष्क  में याद कर नोट डाउन करते हैं तो हम उसे ज्यादा गहराई से समझ पाते हैं । इसी तरह जब हम किसी पाठ को अच्छे से समझना चाहते  हैं तो उसे पढ़ कर उसके मुख्य पॉइंट्स को  नोट डाउन कर लें, और फिर दुबारा एक फ़्लोचार्ट या कुछ अन्य संगठित तरीके से इसे फिर से लिख लें।  यह एक आजमाया हुआ तरीका है किसी मैटेरियल को याद करने का ।

    बात करना : जब हम अपने द्वारा पढ़े हुए मटेरियल के बारे में अपने दोस्तों से बात करते हैं तो हम पहले पढ़ी हुई जानकारी को समझ कर दूसरों को समझाते हैं , तो  हमें वह और अच्छे से समझ में आ जाती है , वे हमसे सवाल पूछते हैं, या इसके बारे में बात करते हैं ।

    इस मामले में अभिभावक बच्चे से उसके द्वारा पढ़े हुए पाठ को पूछें और उस पर बात करें , बच्चा जब उसके बारे में बताता है तो वो अपने आप समझता और सुनाता भी है जिससे वह पाठ अच्छे से समझ में आ जाता है ।

     

    स्मृती-विज्ञान Mnemonics:  विस्तृत जानकारी को  एक सरल रूप में आसानी से याद करने के लिए अपने  दिमाग में शब्दो के प्रथम शब्द से बना  एक मुख्य शब्द ध्यान में रख सकते है ।

     उदाहरण के रूप में अगर आपको तैयारी, ऊष्मायन, रोशनी और सत्यापन ये  चार शब्द क्रमबद्ध याद करने हैं, तो आप इन शब्दों का  पहला अक्षर ले लीजिये, जो बनता है - तैऊरोस ।

    अब आप आसानी से इसे अपने दिमाग में याद रख सकते हैं ।

    और जब एग्जाम में लिखना हो तो वह Mnemonics शब्द  याद कर हर एक अक्षर  का मतलब  लिख सकते हैं ।

    एक दूसरा तरीका है जिसे हम लोकी विधि Loci method कहते हैं ।

    जिसमें आप एक परिचित जगह को याद कीजिये और इस जगह पर मानसिक रूप से मुख्य गेट पर पहला अक्षर  फिर लिफ्ट या सीढ़ी पर दूसरा अक्षर, कमरे के गेट पर तीसरा  कमरे के अंदर चौथा अक्षर रख कर मानसिक रूप में याद कर सकते हैं  ।

    साथ ही यह याद रहे कि जिस पाठ का निमोनिक्स याद कर रहे हैं उसके नीचे याद की हुई निमोनिक्स  नोट कर  लें ।

    इसके अलावा जब नोट्स लम्बे हों तो उन्हें धीरे धीरे पढ़ें जिससे कठिन शब्द और मूल अर्थ समझ में आते हैं ।

    नोट्स  को बार बार पढ़ें और निमोनिक्स को पुनः देखें ।

    याद रखें Revisit का मतलब होता है , ‘revise’.

    अगर आपके मन और कोई सवाल है तो कृपया कमेंट्स बॉक्स में पोस्ट करें ।

    -eWellness Expert

  • 20 Dec
    Shiva Raman Pandey

    कहीं आप झूठे सम्बन्ध के जाल में तो नहीं

    jhuthe sambandh kya hote hai

    मेघना की शादी हुए तीन साल हो गए, परन्तु उसने कभी यह महसूस नहीं किया कि सुनील के दिल में उसके लिए प्यार है । अक्सर दोनों के बीच छोटी-छोटी बातों को लेकर तकरार होना, उसकी छोटी सी गलती पर भी सुनील का कठोर व्यवहार, और इन सबसे ऊपर उसके पति का अपनी ही दुनिया में खुश रहना । मेघना अंदर ही अंदर दुखी रहने लगी । वह किसी से अपनी परेशानी बता ना पाने की वजह से  अंदर ही अंदर दुखी रहने लगी । इन सबकी वजह से उसका शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों गिरने लगा ।

    रिश्तों का व्यक्ति  के जीवन में एक विशेष स्थान होता है , हालाँकि ,कुछ लोग  सिर्फ  किसी के साथ रहने के लिए झूठे सम्बन्ध निभाते जाते हैं आज हम आपको झूठे सम्बन्ध को पता करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बातें बताते हैं ।

    1 संवादहीनता:

    अगर आपके और आपके  साथी के बीच बात न होकर तकरार ही हो, और एक दूसरे के ऊपर विश्वास नहीं हो, तो आप समझ लीजिये कि आप झूठे सम्बंध में है । बातचीत होने का मतलब है कि, आप दोनों एक सच्चे रिश्ते को निभाना चाहते हैं ।

    २ एकांत में अकेले रहना:

    अगर आप अपने साथी के साथ रहना पसंद नहीं करते और एकांत में अकेले  बैठ कर आपको ज्यादा ख़ुशी महसूस होती है, तो आप समझ लीजिये कि आप झूठे सम्बंध को निभा रहें हैं ।

     

    3 अपने जीवन साथी से दूर रहने में ख़ुशी मिलना:

    अगर आपका आपके  साथी से अलग होना आसान है अथवा आप अपने साथी से बात नहीं करना चाहते हैं, क्योंकि सच्चे संबंध में अपने साथी के साथ रहने की तड़प होती है और एक दूसरे से अलग होना आसान नहीं होता, अगर यह आपके लिए आसान है तो आप एक झूठे सम्बन्ध को निभा रहे हैं ।

    4  ऐसा महसूस होना जैसे आप अपने जीवन साथी  को नहीं जानते:

    अगर आप को ऐसा लगता है कि आप अपने साथी को पूरी तरह से नहीं जानते या नहीं समझते । कभी-कभी जब आपका साथी आपसे  कुछ कहता है या कहने की कोशिश करता है और आपको कुछ ऐसा लगता है जैसे कि कोई अनजान व्यक्ति आपसे कुछ कह रहा है या आप किसी अनजान व्यक्ति से कुछ कहना चाह रहे हैं तो यह भी झूठे सम्बन्ध का एक चिह्न हैं ।

    5 संबंधों में कमी बने रहना:

    अगर आप यह महसूस करते हैं,कि जो दरार आपके रिश्तों के बीच है वह कम नहीं हो रही, और विश्वास, वफ़ादारी और बातचीत की कमी है तो यह एक झूठा सम्बन्ध हो सकता है ।

     

    6 अपनी  गलती के लिए अपने साथी को दोष देना(अपनी गलती को नज़रअंदाज  करना):

    अगर आप और आपका साथी खुद गलती करें और  की गयी गलती को एक दूसरे की गलती बताते हैं और इस बात को लेकर  दोनों वाद-विवाद करते है तो आप झूठे संबंध में हैं ।

    7 किसी दूसरे की तरफ आकर्षित होना:

    अगर आपको लगता है कि आपको अपने साथी के बजाय किसी दूसरे के साथ समय बिताना ज्यादा अच्छा लगता है और आपको वास्तव में यह पता न हो कि उस व्यक्ति के साथ रिश्ता निभाना कैसा होगा, तो आप समझ लीजिये कि यह एक झूठा सम्बन्ध है, और आप का दिल अब इस वर्तमान रिश्ते को निभाना नहीं चाहता |

     

    8  विश्वास की कमी:

    अगर आप और आपके साथी के रिश्तों में विश्वास की कमी है । अगर आप अपने साथी को  ईमानदारी और सच्चाई के साथ अपने रहस्यों के बारे में बता सकते हैं और आपको  विश्वास है कि आपका साथी आपको छोड़ेगा नहीं । और अगर ऐसा नहीं है तो आप एक झूठे सम्बन्ध में हो सकते हैं ।

    आप  क्या कर सकते हैं ?

    यदि आप अपने झूठे सम्बन्ध को  ठीक करना चाहते है तो आप अपनी भावनाओं को  अपने साथी के प्रति सच्चा और मजबूत बनाइये । और  अगर ऐसा नहीं है तो अलग हो जाइए और रिश्तों को छोड़ दीजिये

    किसी झूठे सम्बन्ध को सच्चे सम्बन्ध में बदलना इतना आसान नहीं होता इसलिए आपको काउंसलिंग और सही मार्गदर्शन की  जरूरत है जो की आप ewellnessexpert.com पर ले सकते हैं । फिर भी  यदि आपको लगता है कि आपके सम्बंध ठीक नहीं हो सकते तो बेहतर है कि उस सम्बन्ध से दूर हो जाइए । और स्वयं को आप किसी अन्य काम में  व्यस्त कर लीजिये यह सब आपको थोड़ा कष्ट जरूर देंगे, लेकिन कुछ समय में आपका अकेलापन दूर हो जायेगा और अकेले होने पर भी आप खुद को संतुष्ट महसूस करेंगे ।

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