• 17 Dec
    eWellness Expert

    मिलनसार इंसान का मनोविज्ञान

    introvert extrovert

     

    अगर आपका कोई दोस्त मिलनसार या एक्सट्रोवर्ट(बहिर्मुखी )स्वभाव का है, तो इसका मतलब आप बड़े खुशकिस्मत हैं ।  वह बहुत जल्द लोगों से घुल मिल जाएगा, और गर्मजोशी से लोगों से दोस्ती बना लेगा।

    अगर आप ऐसे इंसान के साथ है, तो अनजान लोगों से मिल कर बात करने की पीड़ा आप को उठानी ही नहीं पड़ेगी, आप का दोस्त अनजान इंसान को भी झट से अपना बना लेगा। इस प्रकार, वे सबसे निर्लिप्त सेल्स पर्सन से भी बात कर पाएंगे, और उच्च पद में कार्यरत मैनेजर से भी।

    ऐसे लोगों में बहुत ज्यादा एनर्जी और उत्साह होता है। जिसे सही रूप से, सही दिशा में खर्च ना किया जाए, तो उलझन पैदा कर सकता है। काम बिगाड़ सकता  है।

     

    तो ऐसे मिलनसार इंसान से कैसे काम करवाएंगे?

     

    १. उनसे बात कैसे करना है ये पता होना चाहिए- मिलनसार इंसान से उसकी जन्म भाषा में बात करें। इससे वे खुल कर बात करेंगे, और बातों बातों में आपके काम की बात पर काफी मुख्य इन्फार्मेशन देंगे, इस प्रकार आप उससे बेहतर घुल-मिल जाएंगे। अगर आप कोई ऑफिसियल या बिज़नेस की भाषा में बात करते हैं तो वे जल्द ही आप से ऊब जाएंगे।

     

    २. उनके उत्साह को बढ़ावा दें- उनके अंदर, कुछ नया कर दिखाने का जोश भरा होता है, पर आपका काम है उसे सही तरह से सम्हालना। उनके जोश और जज़्बे को बढ़ावा दें। हर विषय पर वे मत देना चाहेंगे, उन्हें रोकिये मत। उनकी बात सुने, समझें, और प्रशंसा करें, भले वह परिस्थिति से मेल ना खाती हो। "तुम्हें हर बात में अपनी विशेष टिपणी बताने की ज़रुरत नहीं", अगर इस प्रकार तिरस्कार करेंगे, तो इंसान दब जाएगा, और जब उत्साह ज़रूरी होगा तब भी नहीं दिखा पायेगा।

     

    ३. उनसे काम करवाना है, तो उन्हें कायदे से झूठ बोलें- एक बहिर्मुखी इंसान के लिए ये विश्व इंसानों के रिश्ते पर आधारित है। इसलिए उसके लिए ये मानना कठिन होता है, कि कोई इंसान अकेले भी रहना पसंद करते हैं। लेकिन वे यह  आसानी से मान लेंगे कि, दूसरे इंसान की ख़ुशी आप पर निर्भर है।

    इसलिए उनको काम करवाना हो तो सिर्फ इतना बताएं "ये काम हो जाना ज़रूरी है, एक ख़ास इंसान की ज़रुरत के लिए", वे फौरन उस पर लग जाएंगे।

     

    ४. उनको मल्टीटास्किंग करने दें- बहिर्मुखी व्यक्ति एक प्रकार के काम पर ज्यादा देर तक, अपना ध्यान नहीं रख पाते। वे थक जाते हैं। वे एक साथ कई चीज़ों पर विचार करते हैं। इसलिए उन्हें साथ में २-३ काम दे दें और भरोसा रखें कि, वे अपने समय का सदुपयोग करेंगे और हर काम को वक़्त पर पूरा करेंगे।

     

    ५. उन्हें बोलते रहना चाहिए- बहिर्मुखी इंसान बात नहीं करेंगे तो वे सोच भी नहीं पाएंगे। उन्हें बात करने दें, आप अगर उनकी लम्बी कहानियों से परेशान भी हो रहे हैं, तो उसे ज़ाहिर होने ना दें। क्योंकि वह एक ज़रूरी विषय पर ही बात कर रहे हैं, जिसे आप समझेंगे, पर उस प्रक्रिया में वे कई विभिन्न चीज़ों पर भी आलोचना करना चाहते हैं।

     

    ६. वे स्वतंत्रता से काम करना चाहते है और उन्हें ऐसा करने दें- उनको सिर्फ टॉपिक बता दें, और उन्हें खुद से उस में कूदने दें। आपको उन्हें शुरुआत में गाइड करने की ज़रुरत नहीं। उन्हें अपने हिसाब से सोचने दें, और बाद में आप उनके काम पर मत प्रदान करें। उनके स्वतंत्र सोच को दबने ना दें। इससे वे और बेहतर काम करेंगे, और सफलता से ज़िम्मेदारी को सम्हालेंगे।

  • 30 Jan
    Oyindrila Basu

    खुद में करिश्माई व्यक्तित्व विकसित करें।

    charismatic personality

     

    आपने अकसर लोगों को कहते सुना होगा, "उस लड़के में एक करिश्मा है", या "वे एक  करिश्माई व्यक्तित्व वाले इंसान हैं।“

    इससे साफ़ होता है, की 'करिश्मा' जिसे हम नाम दे रहे हैं, वह एक व्यक्तित्व गुण विशेष है, एक विशेष प्रतिभा, जिससे दूसरे प्रभावित हो जातें है।

    हम सभी में, व्यक्तित्व का विकास अलग अलग होता है। कुछ लोग होते हैं, जो अपनी बोलचाल से सब को मोहित कर सकते हैं।  ऐसा हम कई बार नौकरी के इंटरव्यू के दौरान देखते हैं, कि पढ़ाई और योग्यता में आगे होने के बावजूद, किसी को नौकरी नहीं मिलती, पर उसी के सामने, किसी कम योग्य इंसान को, सिर्फ अपनी बातचीत की अदाओं की वजह से तारीफें हासिल होती है, (और नौकरी भी)

     

    लोग कहेंगे, "उसने इंटरव्यू के लिए अच्छे से रटा होगा", या "वह काफी स्मार्ट है"

     

    असल में, बात स्मार्टनेस की नहीं है, यह सभी  की नजर अपनी ओर करने की क्षमता है, जो सब को भा जाती है, और जल्दी सफलता मिल जाती है।

     

    बॉलीवुड और क्रिकेट के क्षेत्र में भी हमने देखा है, कि कुछ सितारों को बहुत जल्द लोकप्रियता मिलती है । यही एक्स-फैक्टर सफलता के लिए हम सब के व्यक्तित्व में होना ज़रूरी है, क्योंकि भाग दौड़  की ज़िन्दगी में, समय कम है, और पहला प्रभाव ही आखिरी हो जाता है।

     

    अपने व्यवहार से ही आप लोगों को खुद के व्यक्तित्व का अहसास दिला सकते हैं। 

     

    अपने अंदर के करिश्माई व्यक्तित्व को उभारने के लिए निम्न बातों को समझना होगा ।

     

    1.पहले अपनी कमज़ोरियों को पहचानें, उनको समझें, और मिटाने और उनमें सुधार लाने की कोशिश करें ।

     

    2.अगर आपको सबके सामने बोलने में हिचक होती है, या आप हकलाते हैं तो शर्माएं नहीं, तुरंत मनोचिकित्सक की सहायता से अपनी कमज़ोरियों का इलाज करवाएं । खुद की उन्नति के लिए मनोचिकित्सक से परामर्श लेने में कभी न हिचकें ।

      

    3. अगर आपकी शारीरिक समस्या जन्मजात है, और पूरी तरह से ठीक नहीं हो सकती, तो अपनी कमज़ोरी को अपनी ताकत बनाएं। आपकी आँखें, कमज़ोर है, तो घबराने की बजाए, इस बात का फायदा उठाएं, और लेंस का प्रयोग करें।  रंगीन आँखों से आप खूबसूरत भी लगेंगे और आपके व्यक्तित्व को गंभीरता मिलेगी।

    या अगर आप हकलाते हैं, शर्माने की बजाए, हकलाहट को अपनी बातचीत के दौरान, हास्य  का हथियार बनाएं, लोग आपसे खुश भी होंगे, और आपसे ज्यादा घुल मिल जाएंगे। यकीन नहीं आता, तो याद करें वह विख्यात लाइन, " आई लव यू क्क्क्क्क्क्क किरण ", जो प्रेमियों का आदर्श बन गया था।

     

    4.अपने आत्मविश्वास को मजबूत करें। जैसा हमने कहा, व्यवहार से ही हम सर्वप्रथम लोगों के दिलों तक पहुँचते हैं। इसीलिए बातचीत, चाल चलन, सोच, आपके हर चीज़ में आत्मविश्वास की झलक ज़रूरी है।

     

    5. अपना साधारण ज्ञान बढ़ाएं। खबरों को सुनें, विभिन्न विषयों पर पढ़ाई जारी रखें, जिससे आपको पता रहे, कि कहाँ क्या हो रहा है। जब आपको ज्ञान होगा, तब आप अंदर से आत्मविश्वास का अनुभव कर पाएंगे। प्रतिभा, आत्मविश्वास के बिना अधूरी है, अगर स्टेज पर गाते समय आप खुद घबराएंगे, तो दर्शक भी आपका गाना सुनने में उत्सुक नहीं होंगे।

     

    6. अपने शारीरिक हाव-भाव में एक अच्छी सुधार लाने की कोशिश करें। आप अच्छा बोल रहें है, पर सुनने वाले को आकर्षित करने के लिए, सही हावभाव ज़रूरी है। जैसे हाथ कैसे हिला रहें है... किस तरफ देख रहें हैं... मुसकुरा रहें है या नहीं... यह सब दूसरे को प्रभावित करने के लिए जरूरी है।

     

    तो हमारी टिप्पणियों को ध्यान में रखें, और अपने अंदर उस 'करिज्मा' को जगाएं, फिर करिश्मा कपूर भी आपको हरा नहीं पाएंगी :) 

  • 29 Jan
    Shiva Raman Pandey

    आपके निगेटिव में क्या पॉजिटिव है?


    positive thinking

     

    एक युवा महिला अपनी डाइनिंग टेबल पर बैठी थी और चिंतित थी, इस बात से परेशान थी कि, इनकमटैक्स देना पड़ता है। घर का ढेरों काम करना होता है और ऊपर से कल त्यौहार के दिन लंच पर बहुत से रिश्तेदार भी आने वाले हैं।

    कुल मिलाकर वो बहुत परेशान थी।

     

    करीब ही उसकी 10 साल की बिटिया अपनी स्कूल नोटबुक लिए बैठी थी।माँ के पूछने पर वो बोली---" टीचर ने होमवर्क दिया है (Negative Thanks giving) और कहा है कि, उन चीजों पर एक पैरेग्राफ लिखो जो प्रारम्भ में हमें अच्छी नहीं लगतीं, लेकिन बाद में वो अच्छी ही होती हैं। मैंने एक पैरेग्राफ लिख लिया है। "

     

    उत्सुकतावश माँ ने बेटी से नोटबुक ली और पढ़ने लगी कि, उसकी बेटी ने क्या लिखा है।

    बेटी ने लिखा था,

     

     

    “ मैं अपनी फाइनल एग्जाम को धन्यवाद देती हूँ क्योंकि इसके बाद स्कूल बंद होकर छुट्टियाँ लग जाती हैं। "

     

    " मैं उन कड़वी खराब स्वाद वाली दवाइयों को धन्यवाद देती हूँ जो मेरे स्वस्थ होने में सहायक होती हैं। "

     

    " मैं सुबह सुबह जगाने वाली उस अलार्म क्लॉक को धन्यवाद देती हूँ जो सबसे पहले मुझे बताती है कि, मैं अभी जीवित हूँ। "

     

    पढ़ते पढ़ते माँ ने महसूस किया कि, उसके खुद के पास भी तो बहुत कुछ ऐंसा है जिसके लिए वो भी धन्यवाद कह सकती है।

     

    उसने फिर सोचा,

     

    " उसे इनकमटैक्स देना होता है, इसका मतलब है कि वो सौभाग्यशाली है कि, उसके पास एक अच्छी सैलरी वाली बढ़िया नौकरी है। "

     

    " उसे घर का बहुत काम करना पड़ता है, इसका मतलब है कि उसके पास एक घर है, एक आश्रय है। "

     

    " उसे परिवार के बहुत से सदस्यों के लिए खाना बनाना होगा, इसका मतलब है कि उसके पास एक बड़ा परिवार है जिनके साथ वो त्योहारों पर सेलिब्रेट करती है। "

     

    मॉरल :

     

    हम निगेटिव बातों या चीजों को लेकर बहुत शिकायतें करते हैं लेकिन उनके पॉजिटिव पक्ष को समझने, देखने में असमर्थ रहते हैं।

    आपके निगेटिव में क्या पॉजिटिव है, उसे समझिए और अपने हर दिन को एक बेहतरीन दिन बना लीजिए।

    क्योंकि ये नेगेटिविटी भी एक शक्ति है, जो हमारे अंदर, घुस जाती है, और हम उसके आदी हो जाते है।

    'सकारात्मकता' या 'पाजिटिविटी' भी एक प्रकार कि अंदरूनी शक्ति, या ऊर्जा है।

    मरियम वेबस्टर के अनुसार सकारात्मकता एक ऐसी स्थिति है, जिसमें हम मानसिक रूप से अच्छा महसूस करते हैं।

    नकारात्मकता को सकारात्मकता से ही जीता जाता है।  

    • अपने अंदर कि पाजिटिविटी को बाहर निकालिये । और सकारात्मक सोच को विकसित करने के लिए ऐसे लोगों के साथ अपना वक़्त बिताएं जो हमेशा सही और सकारात्मक सोच रखते हों । 
    • अच्छा गाना सुने, जो आपको पसंद हो ऐसी चीज़ों में खुद को व्यस्त रखें।
    • दिल से जलन, गुस्सा जैसी भावनाओं को कम करने की कोशिश करें।
    • अगर कुछ नकारात्मक बात आपको परेशान कर रही है, तो दोस्तों से या किसी निकट इंसान से बात करें। नेगेटिविटी घट कर आधी हो जाएगी, और आप में पाजिटिविटी दुगनी हो जायेगी। 

    पाजिटिविटी या सकारात्मकता हमें, कठिन समय का सामना करने की ताकत  देता है।

    हमारा मनोबल बढ़ाता है।

     

     

  • 23 Oct
    eWellness Expert

    जीवन में सपनों के साथ साथ भविष्य की चिंता भी करनी चाहिए।


    ambition

     

    कर्म क्षेत्र की दुविधा हम सब में होती है। कौन से विषय पर पढाई करनी चाहिए, कौनसा क्षेत्र नौकरी इत्यादि के लिए लाभदायक है, ये हम सभी को सोचना पड़ता है, पर साथ में यह भी सोचना पड़ता है कि हमें क्या पसंद है, और आजकल इसी पर ध्यान ज़्यादा दिया जाता है, कि बच्चा क्या चाहता है। हालाँकि  माता-पिता हमेशा बच्चों को अपने जीवन में समृद्ध और खुशहाल देखना चाहते हैं, और इसीलिए उनकी चेष्टा रहती है, कि बच्चा डॉक्टर या इंजीनियर बने। पर किसी भी तरह का दबाव बच्चों पर बुरा असर डालता है, और इसलिए, हम क्या पसन्द करते हैं, किस विषय में हम अच्छा काम कर सकते हैं,यह सब सोचने की आज़ादी हमें  मिलती है।

    पर हमारा निर्णय भी क्या हमेशा जीवन के लिए सही होता है? आज हमें कुछ पसंद है, कल कुछ और पसंद हो सकता है; हम इंसान है, और वक़्त के साथ साथ हमारी सोच और रुचि भी बदलती है, मान लीजिये, आज आप कॉलेज में हैं, फेस्ट और कॉन्सर्ट वगैरा आपको आकर्षित करते  है, इसलिए आप संगीतकार बनना चाहते हैं, लेकिन आज से ६ साल बाद, कौन कह सकता है, इसी निर्णय के लिए आप पछतायेंगे नहीं! जीवन में ठहराओ आने पर आपको आर्थिक लाभ का महत्व मालूम होगा।

    इसलिए जब हम किसी विषय पर आगे पढ़ने की सोचते है, तो यह निर्णय अहम है, और सोच समझ कर लेना चाहिए; अपनी ख़ुशी और सपनों के साथ साथ भविष्य की सुरक्षा का ख़याल भी रखना चाहिए।

    जब तक घर में अनाज है, तब तक सुर संगीत, सब अच्छा लगता है, ये कहावत में भी है, अगर आपको पता हो, कि आज आपको खाना मिल रहा है, कल नहीं भी मिल सकता है, तो इस स्थिति में, आप क्या संगीत बनाएंगे?

    इसका यह मतलब नहीं की आप ऐसा कुछ करें जिसमें आपको कोई रुचि नहीं। जिस भी विषय पर आप स्वीकृति हासिल करना चाहते हैं, उसे गंभीरता से जीवन में शामिल करें। अगर आप क्रिकेटर बनाना चाहते हैं, तो उसके लिये अधिक मेहनत की आवश्यकता है। विश्व स्तर पर महारत हासिल करने के लिए साधारण चेष्टा काफी नहीं, खर्च भी करना पड़ेगा और ये सब जानते हुए आपको फैसला लेना पड़ेगा।

    आपको उसी विषय को लेकर आगे बढ़ना चाहिए, जो आप अच्छा कर सकते हैं, ना कि वह, जो आपका शौक है। आपको वही करना चाहिए, जिसमें आपका भविष्य सुरक्षित हो, और मानसिक रूप से आप खुश और शांत रह पाएं।

    सब के लिए डॉक्टरी या इंजीनियरिंग करना आवश्यक नहीं, लेकिन इन विषय पर आगे पढ़ने से आपका करियर जल्द शुरू होता है, और आर्थिक रूप से सबल हो सकते हैं, इससे इंसान का मानसिक संबल बढ़ता है । आत्मनिर्भरता बेहत ज़रूरी है।

    जीवन में अर्थ भी ज़रूरी है, और इंसान का सपना भी। लेकिन सबसे ज़रूरी है शरीर और मन से स्वस्थ रहना, जो तभी सम्भव है जब आप सुरक्षित महसूस करें, हर तरह से सबल महसूस करें, और इसलिए, अपने सपनों को अवश्य महत्व दें पर साथ में भविष्य की सुरक्षा और करियर के बारे में भी सोच विचार कर लें।

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  • 29 Jan
    Oyindrila Basu

    जागो गृहणी जागो-नए जमाने के साथ खुद को ढालें ।

    work from home

    अकसर गृहवधूओं को लगता है, की उनका वक़्त घर बैठे बैठे बेकार हो रहा है, इसलिए वे किटी-पार्टीज या महिला सम्मेलनों में ज्यादा उत्सुक हो जातीं है। यह अकसर विदेशों में रहने वाले दोस्तों के घर में, आम बात है, जहां, वीसा और कुछ कानूनी प्रक्रियाओं की वजह से, सरकार की तरफ से पत्नियों को काम करने की अनुमति नहीं है। पर झुण्ड के साथ, दूसरों की चर्चा करने से अच्छा है, आप खुद घर से कुछ कोशिश करें।

    इंटरनेट हर चीज़ का समाधान है। आजकल #WorkFromHomeCulture ने नौकरी की प्रक्रिया को बदल डाला है। विभिन्न साइट्स पर ऐसे कई अच्छे ऑफर आते हैं, जिन में घर से नौकरी करने की आज्ञा होती है। अगर आप उपयुक्त हैं, तो नौकरी मिलना, और घर बैठे कमाना कोई बड़ी बात नहीं।

    आप खुद का कोई व्यवसाय भी शुरू कर सकतें हैं।

    अगर किसी ख़ास काम में आपकी रुचि है, जैसी सिलाई, या सजावट, तो उसका प्रयास भी आप कर सकती हैं, घर बैठे।

    पढ़ाई पूरी करना चाहें, तो वह भी आजकल घर से संभव है, #Edx में जाएँ और देखें कमाल :)।

    नृत्य गीत की चर्चा करने से आपका घर में दिल लगा रहेगा।

    नित्य कुछ न कुछ व्यायाम का अभ्यास ज़रूरी है। अगर खराब मौसम की वजह से जॉगिंग नहीं हो पा रहा है, तो घर में ही योगा और मैडिटेशन का अभ्यास करें।

    घर पर  वक़्त का ऐसे ही पूर्ण लाभ उठाते रहें।

     

    ऐसे में अगर इस खराब मौसम में आप और आपके पतिदेव घर पर छुट्टी मना रहे हैं और अगर आपको एक दिन घर पर बिताने का मौका मिल रहा है, तो उसे ना गवाएं। अपने साथी के साथ थोड़ी देर तक प्रातः झपकी का मज़ा लें। आप सिर्फ सो नहीं रहे होंगे, इस दौरान, उनको थोड़ा प्यार से निहार लें, दो प्यारी बातें कर लें, अपने बचपन की, या अपने खूबसूरत रिश्ते की, तो आपका दिन बन जाएगा।

    आज कुछ ख़ास करें , जिसमें, दोनों का सहयोग हो। जैसे, दोनों मिलकर

    घर को नई तरह से सजाएं।

    या फिर आप साथ में दोपहर को एक फिल्म भी देख सकते हैं।

    कोई जासूसी किताब का साथ में विश्लेषण करें,

    या फिर साथ में शतरंज भी खेल सकते हैं।

    अगर कहीं यात्रा का सोच रहें हैं, तो उसकी योजना भी साथ बैठ कर आज ही बनाएं।