रिटायरमेंट को एक नई शुरुआत बनाएं।

retirement ko ek nai shuruaat banayein

 

हम कई बार रिटायरमेंट के बारे में हमारी कल्पनायें ज़ाहिर करते हैं। यहां जाएंगे, वहाँ खाएंगे, ये देखेंगे, वहां घूमेंगे, मज़ा करेंगे।

 

पर क्या वह आखिरी दिन आने पर हम सचमुच खुश होते हैं?

 

जब एक दिन आप के डेस्क पर, फूलों के गुलदस्तों के साथ  सेवानिवृत्त शुभेच्छा आने लगती है... आपको पता होता है, कल आपका ऑफिस में आखिरी कार्यदिवस है । आपको उत्साह रहता है, कि सब आपके काम को सराहेंगे, आपको मुबारकबाद  देंगे, पर एक डर भी लगता है, एक आशंका, कि.... अगले दिन से आप क्या करने वाले हैं?

 

यह सवाल,जिसका जवाब आप नहीं जानते, पर अब आप जान सकते हैं, हमारे साथ।

 

1.काम से अवकाश के बाद, खर्च एक चिन्ता ज़रूर होती है। देखा गया है, कि आम आदमी को अपने अवकाश से पहले मिलने वाले वेतन का ९०% जीवन यापन करने में लगता है । रिटायरमेंट का मतलब खर्च में समझौता न हो, इसलिए, पहले से संचय शुरू करें, और विभिन्न पालिसी में निवेश करें, जो रिटायरमेंट के बाद आपके बैंक खाता को भरती रहेंगी ।

 

2.जब खर्च की चिन्ता न हो, तो आप बहुत कुछ सोच सकते हैं। ये विश्व बहुत बड़ा है, और इनमें कई जगह पर फोटो खींचने का सपना तो आपने भी देखा होगा। रिटायरमेंट के बाद इस ख्वाब को पूरा करने की शुरुआत करें। जो पास में घूमने लायक जगह हैं, और आप को काम की वजह से, जाने का अवसर नहीं मिला वहाँ रिटायरमेंट के बाद, अपने साथी के साथ घूमने का प्रबंध करें, 

 

3.अगर आपके माता-पिता हैं, और इतने सालों में, आपको वक़्त नहीं मिला उनके लिए, तो आज से रोज़ कुछ ऐसा करें, जिससे उन्हें ख़ुशी मिले।

 

4.अपनी सामाजिकता को बढ़ावा दें। घर में दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ पार्टी करें ।

 

5.या अपने पुराने दोस्तों के साथ किसी जंगल की सैर पर चले जाएँ, जो आपकी तरह सेवानिवृत्त हैं।

 

6.अगर आपको कोई व्यक्तिगत शौक है, जैसे लेखन, कला का  तो उसका अभ्यास शुरू करें, क्या पता, आप कोई नए काम की ओर बढ़ रहे हों!

 

7.व्यवसाय में आपकी रुचि हुयी हो, तो उसको अंजाम देने के लिए इस अवसर का लाभ उठाएं।

 

रिटायरमेंट के बाद क्या नहीं करना चाहिए:

कुछ लोगों में, काम से अवसर या रिटायरमेंट का बुरा असर होता है। अचानक से ज़िन्दगी का थम जाना वे बर्दाश्त नहीं कर पाते। खुद को नकारा समझने लगते है, हर बात में झिकझिक करने लगते हैं।

 

1.अपनी निराशा का बोझ, अपने परिवार पर न निकालें, इससे आपके आपसी संबंधों पर खराब असर पड़ेगा, जब आपको उनकी सबसे ज्यादा ज़रूरत है।

 

2.अपने ईगो को अपने काम की प्रतिभा पर हावी न होने दें। अकसर देखा गया है, कि ऊँचे पद पर रहते हुए, अवकाश लेने से, बाद में नए काम को स्वीकार करना मुश्किल हो जाता है, क्योंकि हम किसी के नेतृत्व में रहना नहीं चाहतें, इससे हम अच्छे काम की कदर नहीं कर पाते।

 

3.अपनी पिछली ज़िन्दगी पर शोक मनाना छोड़ कर अपनी आगे की ज़िन्दगी का पूरा आनंद लें।

 

काम से अवकाश को एक नई शुरुआत बनाएं, अपने जीवन को एक नई शुरुआत दें, तो ये रिटायरमेंट के दिन आप के लिए आसान हो जाएंगे।

 

हर दिन अपने साथ कुछ नया लाती है, उसे महसूस करें, खुश रहना मानसिक स्थिति के लिए बेहत ज़रूरी है।