हम ऑनलाइन रहना क्यों पसंद करते हैं?

hum online rahna kyon pasand karte hain


 
कुणाल एक १७ साल का लड़का है, नेट पर दोस्तों से बातें करना उसे पसंद है और इसीलिए हर समय वह ऑनलाइन बना रहता है। सोशल मीडिया में उसके कई अकाउंट हैं। आजकल यही पसंद लगभग हर युवा की हो गई है।


क्यों आज का युवा ऑनलाइन प्लेटफार्म का इतना दीवाना हो गया है?

आइये जानते हैं इस लेख के माध्यम से।


इंटरनेट के माध्यम से अब दुनिया के किसी भी भाग से आसनी से सम्पर्क बनाया जा सकता है। लोग अब घर बैठे ही दुनियाभर में अपने दोस्त बनाने लगे हैं, और ऑनलाइन रहकर ही प्यार ,डेंटिंग, और शादी के लिए जोड़े भी खोजे जाने लगे हैं।


ऑनलाइन दोस्ती के बहुत से नुकसान भी होते हैं, जैसे आप जिससे दोस्ती कर रहें हैं वह वास्तव में अपने बारे में सारी बातें सच बता रहा है, या आपको धोखा देने के मकसद से झूठी बातें बता रहा है। आप उसे सामने से नहीं देख सकते इसलिए आप उसकी वास्तविकता भी नही जान सकते हैं।


ऑनलाइन चैटिंग से होने वाले इन नुकसानों के बावजूद क्यों हम इसका इस्तेमाल करना जारी रखते हैं?

1.नाम को गुप्त रखने के आजादी :-


ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का सबसे बड़ा फायदा है नाम को गुप्त रखने की आजादी। आप किसी भी नाम और किसी भी फोटो के साथ अपनी एक प्रोफाइल बना सकते हैं, कम्प्यूटर यह नहीं समझ पायेगा कि, आप झूठ बोल रहे हैं।

आप किसी से या हर किसी से बात कर सकते हैं, और आपके वास्तविक जीवन की बुराई या कमियां जैसे, आपकी क्या हैसियत है ,और आप की योग्यता आदि कुछ भी हो, कोई फर्क नही पड़ता।

 


2. दुनिया के किसी भी भाग तक आपकी पहुंच:-
बहुत से देशों में जहां लड़के लड़कियां आपस में मिल कर बात नहीं कर सकते, उन स्थानों में लोग बातें करने के लिए ऑनलाइन प्लेटफार्म का इस्तेमाल कर सकते हैं, इस तरह से किसी एक देश में बैठा युवा दूसरे देश में अपने लिए दोस्त या जीवनसाथी की तलाश करके बातें कर सकता है।

 


3.सुविधाजनक:-
यूँ तो यदि आपको किसी से मिलना है तो आपको अच्छे से तैयार होने की जरूरत होती है,और फिर किसी अच्छी जगह की तलाश करनी होती है आदि।

लेकिन आपको ऑनलाइन चैटिंग के लिए सिर्फ एक इंटरनेट पैक और अच्छे ब्राउज़र के अलावा ज्यादा कुछ नही चाहिए। इसलिए लोग इन सब की तुलना में ज्यादा सुविधाजनक-ऑनलाइन चैटिंग को वरीयता देते हैं।

 


4. नियंत्रण(कंट्रोल) :-
हम ऑनलाइन कैसे दिखाई देते हैं इसका नियंत्रण हम सिर्फ एक बटन क्लिक कर के कर सकते हैं। सेल्फ़ी कैमरे के साथ स्मार्टफोन और लाखों फ़िल्टर से हम अपनी एक नकली इमेज आसानी से बना सकते हैं।

कई बार तो लोगों को अपनी ये इमेज अपनी असली इमेज से ज्यादा पसंद आने लगती है, और इसलिए वे ज्यादा से ज्यादा ऑनलाइन गपशप और बातचीत में चिपके रहते हैं।


हम क्या कहते हैं, और किससे कहते हैं, इसका नियंत्रण भी खुद कर सकते हैं। इसके साथ यह ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के उपयोग की इच्छा को भी बढ़ाता है।


इसके अलावा डेटिंग एप जैसे ‘TINDER’ के उपयोग से हमअनचाहे डेट को रिजेक्ट भी कर सकते हैं। इस तरह नियंत्रण की शक्ति हमें ऑनलाइन प्लेटफार्म पर बने रहने की चाहत बढ़ाती है।



5.साथियों का दबाव :-

जब ऑनलाइन प्लेटफार्म की शुरुआत हुई तो इसके फायदे तभी पता चले होंगे जब किसी ने पहली बार इसका उपयोग किया होगा। पहले तो हमें इसपर बात करने की आदत नहीं पड़ी थी।

फिर इसका चलन बढ़ने के साथ साथियों का दबाव भी इस प्लेटफार्म का इस्तेमाल करने के लिए महसूस किया जाने लगा, और ये भी एक बड़ा कारण था कि युवा एक दूसरे को ऑनलाइन प्लेटफार्म का इस्तेमाल करते देख इसकी ओर आकर्षित होने लगे।

अपनी उपलब्धियों और कहानियों को एक दूसरे से शेयर करने लगे। इस प्रकार एक यह ऐसा चक्र बन गया जो कभी कभी बहुत ज्यादा दोषपूर्ण बन जाता है।


ऑनलाइन प्लेटफार्म के अधिक उपयोग से हम बिना किसी अनुशासन और नियंत्रण के चैटिंग करते हैं ।


जिससे हम असभ्य और अविवेकी बन सकते हैं।कई बार तो लोग किसी बहकावे में आकर उनका शिकार भी बन जाते हैं। इसलिए ऑनलाइन प्लेटफार्म का उपयोग करते समय हमें अधिक सतर्कता और संयम की आवश्यकता है।

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