च्युइंग गम चबाने से सतर्कता बढ़ती है।

chewing gum

 

 

च्युइंग गम का नाम आते ही मुझे अपने स्कूल के दिनों की पुरानी यादें ताजा हो गयीं, जब हम#Chicklets or #BigBubble के boxes अपने पास रखना पसंद करते थे, और च्युइंग गम चबा कर गुब्बारे बनाना बहुत मजेदार लगता था।

लेकिन क्या बड़ों को इसका महत्व कम समझना चाहिए ? नही ! ये च्युइंग गम के छोटे, रसीले टुकड़े सिर्फ गुब्बारे बंनाने की तुलना में बड़े चमत्कार कर सकते हैं।

हाल के शोधों में ये बात सामने आई है कि च्युइंग गम में सतर्कता बढ़ाने की क्षमता होती है। लगातार किसी चीज को चबाते रहने से दिमाग में रक्त का प्रवाह बढ़ता है, जिससे हमारी सतर्कता बढ़ जाती है। यह  इन्सुलिन का स्तर बढ़ा देता है, जिससे मस्तिष्क में प्रतिक्रिया के लिए जिम्मेदार भागों की कार्यक्षमता बढ़ जाती है।

एक जापानी संगठन के द्वारा पुरुषों और महिलाओं पर समान रूप से एक परीक्षण किया गया। जिसमे उन्हें स्क्रीन पर दिखाई गई दिशा में प्रतिक्रिया के रूप में अपनी दाई या बायीं ऊँगली से एक बटन दबाना था, आधे लोगो को च्युइंग गम चबाने के लिए दिया गया, और बाकि लोगों को नही दिया गया, आधे घंटे के परीक्षण में ये देखा गया कि वे जो लगातार चबा रहे थे उन्होंने प्रतिक्रिया सिर्फ 493 मिलिसेकेंड में दे दिया ,जबकि दूसरे ग्रुप को इसी काम में 545 मिली सेकेण्ड लगे।

डॉक्टरों और शोधकर्ताओं ने यह भी बताया कि  लगातार चबाने से, कुछ समय के लिए स्मृति कार्य में हस्तक्षेप से आप और अधिक सतर्क बनते है, और फलस्वरूप स्मृति बेहतर होती है।

इसलिए अब सभी मां अपने बच्चों का दिमाग तेज करने के लिए च्युइंग देना शुरू कर दें।

हाल में अमेरिकन डेंटल एसोसिएशन ने भी घोषित किया है, कि चीनी मुक्त च्युइंग गम चबाने से मसूड़ों में सुधार होता है।  कैविटी से बचाव और दांत मजबूत बनाने के अलावा यह सांस की बदबू से आप को मुक्त रखता है।

जल्दी ही इन रिपोर्ट से पूरी दुनिया में सभी ब्रांड के च्युइंग गम की बिक्री बढ़ने वाली है।

अब ये टैग कि "संजू! दांत सड़ जायेंगे" च्युइंग गम के साथ नहीं रहेगा। चॉकलेट को तो चबा नहीं सकते ना।

हालाँकि इस गुब्बारे की तरह फूलने वाले च्युइंग गम के बहुत से चमत्कारी कार्य हैं।

 #NutritionalNeuroscience ने पहले से उपलब्ध तथ्यों में अपनी ये रिपोर्ट शामिल की है कि च्युइंग गम ध्यान में सहायक होता है, उन्होंने ये दावा किया है कि जब कोई नींद में होता है तो चबाने की क्रिया का अधिक प्रभाव होता है। च्युइंग गम आपके दिमाग  में भूख के अहसास को भुला देता है क्योंकि अधिकांश में थोड़ी मात्रा में चीनी होती है ,जो कार्बोहाइड्रेट की कमी को पूरी कर देता है।

च्युइंग गम फायदेमंद होता है, क्योंकि यह आपको सक्रिय रखता है, और आपके दिमाग को ऐसा लगता है की आप कुछ खा रहे हैं, जो आपको ताकत दे रही है, जिससे आपको ज्यादा सजग होकर सोचने में मदद मिलती है, और खाने,पीने और भूख जैसी कम महत्वपूर्ण बातों की ओर आपका ध्यान नहीं जाता।

च्युइंग गम कैफीन या निकोटिन जैसे हानिकारक चीजों को लेने की आदत को भी कम कर सकती है, इसलिए जो लोग धूम्रपान की लत को छोड़ना चाहते हैं वे अक्सर च्युइंग गम चबाते हैं।

लेकिन ये नहीं भूलना चाहिए कि, चबाने के भी नकारात्मक प्रभाव होते हैं :-

  • सतर्कता के अलावा ये आपकी जंक फ़ूड खाने की आदत को भी बढ़ा सकती है।
  • लगातार चबाने से आपके जबड़ों में TMJ (Temporomandibular Joint Disorder) हो सकता है।
  • इसके कारण आपको गैस संबंधी समस्या भी हो सकती है, क्योंकि वास्तव में चबाने का मतलब है ज्यादा हवा को निगलना।
  • जिन लोगो के दांतों में mercury की fillings हुई है उन्हें ज्यादा सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि च्युइंग गम मुंह के अंदर इसके केमिकल को तोड़ सकता है, जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है।
  • चीनी युक्त च्युइंग गम से दूर रहिये।