जीवन में आगे बढ़ना है, तो वह करें जो आपको पसंद है ।

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वैसे तो हम कहते हैं कि हमें वही कार्य करना चाहिए, जो  पसंद हो, पर हम स्वयं इस बात का पालन नही करते। ऐसा क्यों?

मनोवैज्ञानिक शोध के अनुसार आप जब, अपने मन का कार्य करते हैं, तो आप उसमें सफलता जरूर पाते हैं।

 

मनपसंद काम करने के कुछ फायदे हम आपको बता रहे हैं, साथ ही इससे किस प्रकार burnout से छुटकारा मिलता है, यह भी बता रहे हैं।

 

मष्तिष्क में हॉर्मोन का स्राव:

जब आप अपना मनपसंद काम करते हैं, तो मस्तिष्क में डोपामाइन नामक केमिकल का स्राव होता है, जिससे आपको अच्छा लगता है, और आप काम करना जारी रखते हैं। यह आपको काम के दौरान होने वाले तनाव से बचाता है, और आप थकान नहीं महसूस करते।

 

रोग प्रतिरोधक क्षमता 

जब आप तनावग्रस्त होते हैं तो कार्य  करने के लिए अपने sympathetic nervous system पर जोर देते हैं, ज्यादा लम्बे समय तक ऐसा होने से आपकी इम्युनिटी(प्रतिरोधक क्षमता ) प्रभावित होती है। ऐसा तब होता है, जब आप सुबह से शाम तक वो काम करते हैं, जिसे आप पसंद नही करते।

सार्थकता 

मानव मन किसी भी कार्य में अर्थ की खोज करता है। जब आप कुछ ऐसा कार्य करते हैं, जो आपको बोरिंग लगता है जिससे आपको कार्य करने में आनंद नही आता, तो धीरे -धीरे समय के साथ-साथ आपका दिमाग थक जाता है, और आप अत्यधिक तनावग्रस्त हो जाते हैं। जब आप अपने मन का काम  करते हैं ,तो इसका विपरीत होता है। आप इसे अर्थपूर्ण पाते हैं और इसलिए आपका दिमाग सक्रिय रहता है।

 

विकास

चाहे यह कैरियर से संबंधित ग्रोथ हो या व्यक्तिगत ग्रोथ, यदि आप ऐसा कार्य करते हैं, जिसे आप नापसंद करते हैं, या बोरिंग समझते हैं तो यह नहीं मिल सकती ।ग्रोथ तभी होगी जब आप कार्य में मन लगाते हैं। इसलिए अपने मन का कार्य करें, और समय के साथ अपने विकास को होते हुए देखें।

 

कौशल

आपने अनगिनत मामलों के बारे में सुना होगा, जब माता-पिता ने बच्चे को ऐसे हॉबी क्लासेज में डालने की कोशिश की, जिसे बच्चा पसंद नही करता था, और परिणाम कुछ भी नही मिला। यदि एक बच्चा गिटार बजाना पसंद करता है, तो वह, उसी गिटार क्लास से बहुत सी स्किल सीख लेगा, जिसे एक दूसरा बच्चा दिल से नापसंद करता है। इसलिए, आप कौशल तभी सीखते हैं जब आपका मन उस काम से जुड़ाव महसूस करता है। सीखने के कौशल का मतलब है, आप पहले की तुलना में कम समय में अधिक कार्य को सीख सकते हैं। इसलिए आप जो भी कार्य करते हैं, उसमे और निपुण हो जाते हैं, जो आपको शारीरिक और मानसिक थकान से बचाता है।

 

सीखने की  चाहत 

यदि आप अपने काम से प्यार करते हैं, तो आप खुले दिमाग के होते हैं,  और अपने आस -पास के लोगों से भी सीखते हैं। आप दूसरों से अधिक से अधिक सीखते हैं, जितना आपका दिमाग सीख सकता है,और अपना कौशल सुधारते हैं। जब आप अपनी रूचि का कार्य करते हैं तो आपके रिश्ते भी बेहतर होते हैं। इसके बारे में विचार कीजिये कि, 'कार्य करने के बाद आपको लगता है आपने अपना समय बर्बाद किया' या 'कार्य करने के दौरान आपने अपने समय का आनंद लिया'?

 

खुशी

क्यों अपने मन का कार्य  करने से आपको थकान नही लगती ?

शायद इसका मुख्य कारण है कि इससे आपको ख़ुशी मिलती है। जब आप खुश होते हैं, तो आप कम दर्द और दुख महसूस करते हैं और आसानी से energized हो जाते हैं। इसके विपरीत जब आप उस काम को करते हैं,  जिसे आप नहीं पसंद करते हैं, तो आप अधिक नाराज और परेशानी महसूस करते हैं। हार्वर्ड के एक 75 साल के अध्ययन में पाया गया है कि, यदि खुश रहने वाले लोग बीमार हो जाते हैं, तो उन्हें दुखी लोगों की तुलना में, कम दर्द महसूस होता है, और वे आसानी से इसे सहन कर सकते हैं।

 

पैसा

ज़ाहिर है, सबसे बड़ा सवाल पैसे के बारे होता है। यदि मैं अपने पैशन को फॉलो करूंगा तो, क्या मैं ज्यादा कमा पाउँगा?.... हाँ, क्यों नही?...

क्या आप जानते हैं, हाल ही में, भारत में इंजीनियरों ने, चपरासी के पद के लिए आवेदन किया है? हमारी मानसिकता (कि इंजीनियरिंग करने से अच्छी नौकरी और ज्यादा आय मिलती है) के कारण इंजीनियरिंग कॉलेजों में छात्रों की संख्या बहुत ज्यादा बढ़ गयी है, और अब इंजीनियरों की संख्या अधिक, और जॉब की संख्या कम हो गयी है। इसलिए, जरूरी नहीं है कि किसी विशेष कैरियर में अधिक पैसा है। आपकी शुरुआत, धीमी या तेज हो सकती है, लेकिन अगर आप अपने मन का काम करते हैं, तो यह सबसे बेहतर होगा, और लक्ष्मी जी की कृपा भी होगी।

ब्रेक 

आपका अवचेतन मन तब भी काम करता है, जब आप ब्रेक लेते हैं। यदि आप अपने पसंदीदा काम को करते हैं, तो काम के दौरान ब्रेक ना सिर्फ आपको तरोताज़ा करेगा बल्कि ब्रेक में आपके अवचेतन मन में आप काम की समस्या  को भी हल कर सकते हैं।

भीड़ से अलग

यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण फैक्टर है। आपके मन का काम आपकी अपनी अलग पहचान बनाने में मदद करता है। जब आप अपने खास कार्य में अधिक महारथ प्राप्त कर लेते हैं, तो आप स्वयं में अधिक आत्मविश्वास का अनुभव करेंगे, और उसी समय, आपकी उस ख़ास कार्य की  अच्छी मार्केट वैल्यू भी होगी!