सुनें सबकी पर करें वह, जो आपको उचित लगे ।

girl blowing bubble

 

 

"प्रीती ये ड्रेस मुझ पर कैसा लगेगा। क्या इसका रंग ज्यादा  गाढ़ा है? मैं इसमें ख़ूबसूरत लगूँगी ना? या फिर....कहीं ऐसा तो नहीं कि, प्रियंका की ग्रुप कॉलेज में मुझ पर हँसेगी ? मैं कन्फ्यूज्ड हो गयी हूँ । "- एक साधारण लड़की मुंबई की मॉल में।

हम सभी हमेशा इस दुविधा पूर्ण विचार से गुज़रते हैं। लोग क्या कहेंगे, लोग हमारे बारे में क्या सोच रहें हैं, ये विचार  हमारे दिमाग में हर वक़्त चलता रहता है।

हम सामाजिक जीव हैं, और लोकप्रियता हम सब चाहते हैं। और यही हमें परेशान करती है, कि लोग हमारे बारे में क्या सोच रहे होंगे। हम डरते हैं कि वे हमारे काम पर निंदा और आलोचना कर रहे हैं।

अगर हम रास्ते में गिर जाते हैं, तो लोग हम पर हँसते हैं, क्योंकि हम अलग व्यवहार कर रहे हैं, हमें चलना चाहिए था, पर हम गिर गए । समाज में नकारे जाने का डर, शर्म का डर अकसर लोगों को परेशान करता है।

पर लोगों के मत पर अतिरिक्त सोच विचार हमारे मानसिक संतुलंत को बिगाड़ सकता है। हम चिंतित रहते हैं। इससे रक्त-चाप भी बढ़ सकता है। इससे कैसे मुक्त हों ?

 

1. खुद को मेहरबान और उदार बनाये- आपकी यह खूबी सभी को पसंद आएगी, अगर आप दूसरों के प्रति उदार हैं, और सब से विनम्रता से पेश आते हैं।

2. ऐसा काम करें जो आपको बेहद पसंद हो- जैसे पढ़ाई, इनसाइक्लोपीडिया से ज्ञान वृद्धि या फिर टेलिस्कोप के साथ तारे देखना.. ऐसे अनोखे काम को अंजाम देने से, आप में आत्म संतुष्टि होगी, और आप श्रेष्ठ महसूस करेंगे, और जब आप औरों से बेहतर काम करेंगे, तो दूसरे वैसे ही आपको पसंद करेंगे।

3. अगर आपकी उदारता के बावजूद, लोग आपकी निंदा करते हैं, तो परेशान न हों। समझ जाइए कि निंदा करने वाला आपसे भी बुरे हाल में है। वह अपनी खामियों का ज़िम्मेदार आपको ठहराना चाहता है। आप अपने दोष की वजह से नकारे नहीं जा रहे, बल्कि, दूसरे खुद से परेशान हैं, तो आप की निंदा कर रहे हैं।

4. आलोचना आपको बेहतर बनाती है - अगर आपको लगता है कि , लोगों के ताने और समालोचना आपके प्रति जायज़ हैं, तो चिंतित होने के बजाए, खुद को और बेहतर बनाने का प्रयास करें।

थोड़ी सी निंदा चर्चा हम सब के लिए ज़रूरी है, ताकि हम खुद को पहचान पाएं और सुधार ला सकें।

पर अतिरिक्त चिंता हानिकारक है। इससे आप अपने ऊपर कभी विश्वास नहीं कर पाएंगे ।

दूसरों को खुश करने के लिए उनकी तरह बोलेंगे और करेंगे, तो धीरे धीरे आपका अपना अस्तित्व खोता जाएगा। हमेशा याद रखें, कोई भी ऐसे व्यक्ति को पसंद नहीं करता जिसकी अपनी पहचान नहीं ।

सीधी सोच, सीधा जवाब लोगों के बीच आपको कुछ क्षण के लिए अलोकप्रिय कर सकता है, पर मन ही मन सब आपको आपके  सत चरित्र के लिए सम्मान देंगे।

खुद से प्यार करें, आत्मविश्वासी बनें, दूसरों की सुनें, पर करें वह जो आपको उचित लगे ।